आखिर पहली बार कब मनाया गया था अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस, और क्या है इसका उद्देश्य

आखिर पहली बार कब मनाया गया था अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस, और क्या है इसका उद्देश्य
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लेखिका- अर्चना शर्मा

Khabarexpo: वसुधैव कुटुंबकम अर्थात पूरी पृथ्वी हमारा परिवार है ऐसी भावना के पीछे परस्पर वैमनस्य, कटुता, शत्रुता व घृणा की भावना को कम करना है। परिवार के महत्व व उपयोगिता को प्रकट करने के उद्देश्य से हर साल 15 मई को संपूर्ण विश्व में अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाता है। इस दिन का आरंभ संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने 1994 को किया था परिवार एक पेड़ की भांति होता है और पेड़ शाखाओं से ही सुंदर लगता है अगर उसकी शाखाएं पेड़ से अलग हो जाए तो पेड़ उपयोग का नहीं रह जाता मात्र काट के जलाने या फर्नीचर बनाने के यही हाल परिवार का है।

पहले लोग संयुक्त परिवार में रहा करते थे आज एकाकी परिवार का चलन अधिक बढ़ गया है। एकाकी परिवार का कोई एक कारण नहीं है अपितु अनेकों कारण है और सभी के अपने-अपने कारण है मेरा यह मानना है परिवार चाहे एकांकी हो या संयुक्त जरूरत के समय अगर इकट्ठा हो असल में परिवार वही है लेकिन यह हमारा दुर्भाग्य है कि आजकल परिवार ही परिवार की जड़े काटने लगा है एक सर्वे के अनुसार 44 परसेंट लोगों का यह मानना है कि मोबाइल ने परिवार में दूरियां बढ़ाई है ऐसा नहीं है कि आज के दौर में संयुक्त परिवार के उदाहरण नहीं है।

आपको जानकार हैरानी होगी कि किशनगढ़ में 185 लोगों का संयुक्त परिवार है यहां सभी काम आपस में मिलकर किया जाता है विश्व परिवार दिवस का एक प्रतीक चिन्ह भी है एक हरे रंग का गोल घेरा होता है जिसके अंदर एक घर और दिल बना हुआ होता है जो बताता है कि समाज का केंद्र परिवार होता है और परिवार के बिना समाज चल नहीं सकता। परिवार आपके जीवन की एक अमूल्य धरोहर है और परिवार के बुजुर्ग उस धरोहर का खजाना अतः अपने परिवार को बनाए रखें।