मूकबधिर नाबालिग से दुष्कर्म, हैवानियत के बाद बेहोशी की हालत में सड़क पर फेंका

मूकबधिर नाबालिग से दुष्कर्म, हैवानियत के बाद बेहोशी की हालत में सड़क पर फेंका
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khabarexpo : राजस्थान में महिलाओं और लड़कियों के साथ हो रहे अत्याचार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रेप और गैंग रेप की घटनाओं के लिए पूरे देश में बदनाम अलवर जिले में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अलवर में एक मूकबधिर नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के साथ बेहोशी की हालत में दुष्कर्म करने के बाद आरोपी फरार हो गया। पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है। उसे गंभीर हालत में अलवर से जयपुर रेफर कर दिया गया है। पीड़िता जिंदगी और मौत से जूझ रही है।

पुलिस के मुताबिक मामला अलवर के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र का है। मालाखेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय मूकबधिर बच्ची मंगलवार की शाम चार बजे से लापता थी। उसके बाद रात में तिजारा गेट पुलिया के पास बच्ची अचेत अवस्था में पड़ी मिली। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

खून बहने से हालत नाजुक

पीड़ित लड़की के प्राइवेट पार्ट में गंभीर अंदरूनी चोट के निशान थे। उन्हें तुरंत इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती कराया गया। बच्ची के प्राइवेट पार्ट से ज्यादा खून बहने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर नन्नुमल पहाड़िया व पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम समेत अन्य आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया।

देर रात ही जयपुर रेफर

बाद में उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए देर रात उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि बच्ची के साथ क्रूरता की हदें पार कर दी गई हैं। पुलिस ने रात में ही आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

बदनाम हो चुका है अलवर

गौरतलब है कि अलवर महिलाओं से जुड़े व अन्य अपराधों के लिए बुरी तरह से बदनाम हो चुका है। अलवर में पूर्व में भी महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ जघन्य घटनाएं सामने आती रही हैं। खासकर रेप और गैंग रेप की घटनाओं ने अलवर जिले को शर्मसार कर दिया है। अलवर पुलिस की कार्यशैली पर पहले भी कई सवाल उठ चुके हैं। अलवर में अपराध दर को देखते हुए दो साल पहले वहां दो पुलिस जिले बनाए गए थे। अलवर के भिवाड़ी में अलग से पुलिस अधीक्षक पदस्थापित था।

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