7 अनाथ बहनों की मदद के लिए लोगों ने 4 दिन में जुटाए 2.5 करोड़ रुपए, माता-पिता के बाद इकलौते भाई की भी मौत

7 अनाथ बहनों की मदद के लिए लोगों ने 4 दिन में जुटाए 2.5 करोड़ रुपए, माता-पिता के बाद इकलौते भाई की भी मौत
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संवाददाता- योगेश सोनी

बाड़मेर। सात बहनों के जिस इकलौते भाई को बचाने के लिए लोगों ने 50 घंटे में 2.50 करोड़ रुपए इकट्‌ठा किए, उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। चार साल का मासूम 4 दिन से जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा था। मासूम की मौत के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स लिख रहे हैं…!!! भगवान यह क्या कर दिया?

दरअसल, गुड़ामालानी के मालपुरा निवासी खेताराम भील व उनकी पत्नी कोकूदेवी रविवार को बड़ी बेटी की सगाई करने जा रहे थे। इस दौरान बोलेरो गाड़ी ने कुचल दिया था। माता-पिता की उसी दिन मौत हो गई थी। जबकि खेताराम का 4 साल का इकलौता बेटा जसराज घायल हो गया था।

माता-पिता के बाद इकलौते भाई को भी खोया

माता-पिता की मौत के बाद 7 बहनों को उम्मीद थी कि इकलौता भाई जसराज ठीक होकर घर आ जाएगा। अब भाई के खोने के बाद 7 बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जोधपुर हॉस्पिटल में दम तोड़ने के बाद शुक्रवार को 4 साल के बच्चे का पोस्टमार्टम करवाकर शव बाड़मेर लाया गया। जसराज की मौत के बाद सोशल मीडिया पर हर कोई दुख जताते हुए सांत्वना दे रहा है।

समाज ने पेश की थी मिसाल

कई बार समाज हादसों के मामलों में दूरी बनाकर रखता है। सिणधरी कस्बे में बोलेरो गाड़ी ने माता-पिता को कुचलने के बाद अनाथ हुए बच्चों के लिए ऐसी मिसाल पेश की, जो आने वाली पीढ़ियां याद रखेगीं। सोशल मीडिया पर बिलखती बेटियों व हॉस्पिटल में जंग लड़ रहे बच्चे का वीडियो सामने आने के बाद जिस किसी ने इसे देखा वह मदद करने में पीछे नहीं हटा। चार दिनों में करीब 2 करोड़ रुपए इकट्‌ठे कर दिए।