सड़क दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वालों को सरकार देगी इनाम, पढ़िए कब और कितनी मिलेगी राशि

सड़क दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वालों को सरकार देगी इनाम, पढ़िए कब और कितनी मिलेगी राशि
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kahabrexpo: अक्सर देखा जाता है कि जब किसी का एक्सीडेंट हो जाता है तो लोग वीडियो बनाने लगते हैं और घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से कतराते हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने पर नागरिकों को नगद इनाम और प्रशंसा पत्र देगी। इस योजना के तहत जिला प्रशासन अच्छे नागरिक को एक साल में पांच हजार रूपये का नगद इनाम अधिकतम पांच बार दिया जा सकेगा। साथ ही हर साल आयोजित होने वाले सरकारी सम्मान समारोह में उनको एक लाख रुपये नगद दिया जाएगा।

2026 तक चलेगी योजना

योजना कम मकसद सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अनदेखा करने के बजाय अस्पताल पहुंचाने के लिए उद्देश्य से इस योजना के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जाएगा। ये योजना मार्च 2026 तक चलेगी। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को सड़क हादसों में गंभीर घायलों को गोल्डन आवर (दुर्घटना के एक घंटे के भीतर) में अस्पताल-ट्रामा सेंटर पहुंचाने वाले नागरिकों के लिए इनाम योजना संबंधी दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। विदित हो कि मंत्रालय ने पिछले साल सड़क सुरक्षा पर काम करने वाले ट्रस्ट, एनजीओ, संस्थानों को सालाना पांच लाख रुपये इनाम देने व वित्तीय सहायता मुहैया करोन की योजना शुरू कर है।

यह योजना 15 अक्तूबर 2021 से मार्च 2026 तक चलेगी। बताया जा रहा है कि राज्य सरकारें इसके लिए अलग से अकाउंट खोलेगी। केंद्र सरकार की ओर से शुरूआत में इसके लिए पांच लाख रूपये देगी।

शुरू होगा नया पोर्टल

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से एक नया पोर्टल शुरू किया जाएगा। जिस पर जिला प्रशासन की ओर से घायलों की मदद करने वाले लोगों का नाम पता और मोबाइल नंबर उपलब्ध करवाएगी। स्थानीय अस्पताल और पुलिस भई इस पोर्टल पर डेटा अपलोड कर सकेंगे।   

जिला प्रशासन समिति चयनित नागरिक को प्रत्येक हादसे में मदद करने पर 5000 रुपये की नगद राशि दे सकेगी पांच हजार के अलावा परिवहन मंत्रालय की ओर से सालाना एक लाख रूपये का पुरस्कार भी दिया जाएगा। बता दें कि परिवहन मंत्रालय ने इस बात का साफ उल्लेख किया है कि घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति के साथ पुलिस किसी भी तरह की पूछताछ नहीं करेगी। साथ ही अदालत में व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार गवाही के लिए जा सकता है।

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