तीसरी लहर से निपटने को कितना तैयार देश, दो लाख बेड़ के साथ ऑक्सीजन प्रोडक्शन बढ़ाया

तीसरी लहर से निपटने को कितना तैयार देश, दो लाख बेड़ के साथ ऑक्सीजन प्रोडक्शन बढ़ाया
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khabarexpo news कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन(omicron) की खतरा धीरे-धीरे बढ़ रहा है आशंका जताई जा रही है कि ये वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट(delta variant) से भी खतरनाक है जो वैक्सीन को भी बेअसर कर सकता है, ऐसा कहा जा रहा है कि कोविड की दूसरी लहर जिसने लाखों लोगों की जान ली है वे डेल्टा वैरिएंट की वजह से दूसरी लहर आई थी, ये ओमिक्रोन वायरस(Omicron Virus) 15 से भी ज्यादा देशों में फैल चुका है अगर ये वैरिएंट(Variant) भारत में आ जाता है तो इसके खतरनाक नतीजे देखने को मिल सकते हैं।

ऑक्सीजन की कितनी जरूरत

बता दें कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान देश में अस्पताल बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन की कमी से जुझना पड़ा था ऐसे में जब कोरोना का दूसरा वैरिएंट(Variant) पूरी दुनियाभर में फैल रहा है तो भारत देश में तीसरी लहर(third wave) का खतरा मंडराने लग रहा है। समझते हैं कि सरकार ने ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए क्या तैयारी की है जहां अभी केसेस कम मिल रहे हैं उन राज्यों की क्या तैयारियां है उस राज्य में ऑक्सीजन और बेडो की संख्या कितनी है क्योंकि कोरोना की पहली और दूसरी लहर(second wave) में ऑक्सीजन की काफी जरूरत पड़ी थी और तीसरी लहर के दौरान भी बेड की जरूरत पड़ सकती है।

एक मरीज को ऑक्सीजन की कितनी जरूरत

साल 2020 के अप्रेल माह में नेशनल हेल्थ मिशन ने राज्यों को लिखा था कि एक मरीज को जो रेगुलर बेड़ पर एडमिट है उसे एक मिनट मं 7.14 लीटर ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, वहीं आईसीयू में एडमिट मरीज को प्रति मिनट 11.90 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है, इसी आधार पर राज्य ऑक्सीजन की जरूरत कैलकुलेट करें। लेकिन इसी साल गाइडलाइन में सरकार ने अप्रेल और जून माह में बदलाव किया, जानकारी के लिए बता दें कि जून में जारी गाइडलाइन के मुताबिक आइसीयू में एडमिट एक मरीज को प्रति मिनट 30 लीटर और रेगुलर मरीज के लिए प्रति मिनट 10 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है।

केंद्र सरकार ने राज्यों को तैयारी करने को कहा

जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा कि वे दूसरी लहर की पीक के दौरान मिले केसेस से 1.25 गुना केसेस को ध्यान में रखकर तैयारी करें, आपको बता दें कि दूसरी लहर के दौरान पूरे भारत में एक दिन 4 लाख से अधिक केस मिले थे, साथ ही केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा कि तीसरी लहर के दौरान कुल मरीजों के करीब 23 प्रतिशत को हॉस्पिटलाइजेशन की जरूरत पड़ सकती है राज्य सरकारें इसी हिसाब से तैयारी करके रखें।

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