10 बजकर 18 मिनट पर गणतंत्र बना था भारत, पहली परेड में थे 3000 जवान-100 विमान

10 बजकर 18 मिनट पर गणतंत्र बना था भारत, पहली परेड में थे 3000 जवान-100 विमान
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khabarexpo: डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने 10 बजगर 24 मिनट पर राष्ट्रपति पद की शपत ली थी और 1950 26 जनवरी की सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत गणतंत्र बना था। आज ही के दिन देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने हिंदी और अंग्रेजी में पहला भाषण दिया था। आज ही के दिन भारत का सविंधान लागू हुआ था। बता दें कि वैसे सविधान को गणतंत्र से पहले ही पूरा कर लिया गया था लेकिन 26 जनवरी 1950 को देश के आखिरी गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी ने भारतीय गणतंत्र की घोषणा की थी।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट ब्रिटिश संसद में 18 जुलाई 1947 में पास हुआ था और 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान ने औऱ 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली थी। सविधान को लागू करने के लिए एक सभा भी बनाई गई। भारत का सविधान 2 साल 11 महीने और 18 दिन में बना। 26 नवंबर 1949 को सविधानसभा ने भारत के सविंदान को मंजूरी दी।

शाम को निकली थी गणतंत्र दिवस की पहली परेड

सबसे पहले गणतंत्र दिवस की परेड शाम को निकली।26 जनवरी 1950 की दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद बग्घी में सवार होकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे। कनॉट प्लेस जैसे इलाकों से होते हुए राष्ट्रपति 3 बजकर 45 मिनट पर नेशनल स्टेडियम पहुंचे. तब नेशनल स्टेडियम को इरविन स्टेडियम कहा जाता था। बता दें कि पहली परेड में राष्ट्रपति को 31 तोपों की सलामी दी गई। 26 जनवरी 1950 की दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद बग्घी में सवार होकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे। कनॉट प्लेस जैसे इलाकों से होते हुए राष्ट्रपति 3 बजकर 45 मिनट पर नेशनल स्टेडियम पहुंचे. तब नेशनल स्टेडियम को इरविन स्टेडियम कहा जाता था।

1955 से राजपथ में हो रही है परेड

गणतंत्र दिवस की परेड का स्थान तय नहीं था। शुरू में परेड़ अगल अलग स्थानों पर की जाती थी। इसके बाद 1955 में तय किया गया की परेड़ राजपथ से निकलकर लालकिले तक जाएंगी। 1955 की पहली बार राजपथ पर परेड थी जिसमें मुख्य अतिथि पाकिस्तान के गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद थे। साल गुजरने के साथ गणतंत्र दिवस की परेड की भव्यता भी बढ़ती गई। एक आरटीआई के जवाब में सरकार ने बताया था कि 2001 की परेड में 145 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, जबकि 2014 की परेड में 320 करोड़ रुपये खर्च हुए थे।