कोटा और डकनिया रेलवे स्टेशन अब बनेगा एयरपोर्ट जैसा, ट्रेन का सफर देगा हवाई यात्रा का मजा

कोटा और डकनिया रेलवे स्टेशन अब बनेगा एयरपोर्ट जैसा, ट्रेन का सफर देगा हवाई यात्रा का मजा
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कोटा और डकनिया रेलवे स्टेशन पर अब प्लेटफॉर्म्स के ऊपर 36 मीटर चौड़ा कॉनकोर्स बनाया जा रहा है। इस कॉनकोर्स पर एयरपोर्ट की तर्ज पर यात्रियों के बैठने के लिए आरामदायक व्यवस्था के अलावा विभिन्न प्रकार के आउटलेट्स की भी सुविधा मिल सकेगी। कोटा और डकनिया स्टेशन के रिडव्लपमेंट प्रोजेक्ट की लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने समीक्षा की।

लोकसभा कैंप कार्यालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक में रेल अधिकारियों ने स्पीकर बिरला को बताया कि दोनों स्टेशनों के डिजाइन को अब अंतिम रूप देने पर कार्य हो रहा है। इसी दौरान रेलवे बोर्ड ने कोनकोर्स के डिजाइन में महत्वपूर्ण बदलाव भी किए है। इसके बाद इस प्रोजेक्ट को फिर से डिजाइन किया गया है। डकनिया की ड्राइंग फाइनल हो चुकी है, कोटा स्टेशन की ड्राइंग भी अगले हफ्ते फाइनल कर दी जाएगी।

टेंडर फाइनल होने के बाद कोटा और डकनिया दोनों स्टेशनों का काम 18 महीने में पूरा कर दिया जाएगा। स्ट्रिक्ट टाइमलाइन के साथ इस प्रोजेक्ट को हर हाल में दिसंबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डकनिया स्टेशन के भविष्य में विस्तार की संभावनाएं देखते हुए इसको चार मंजिला बनाने का प्रावधान किया गया है। यात्रियों को ठहरने की सुविधा देने के लिए डकनिया में 7 रिटायरिंग रूम और दो डोरमेट्री और कोटा में 18 रिटायरिंग रूम बनाए जाएंगे। दोनों स्टेशनों पर एस्केलटर और लिफ्ट भी शुरु की जाएगी।

पटना-नागपुर के लिए ट्रेन की संभावना

बैठक में स्पीकर बिरला ने रेल अधिकारियों को निर्देश दिए है कि कोटा से पटना और नागपुर के लिए ओवरनाइट ट्रेन की संभावना तलाश की जाए। क्योंकि बिहार से बड़ी संख्या में विद्यार्थी और उनके अभिभावक यहां पर आते हैं। कोटा-पटना एक्सप्रेस दोनों शहरों की दूरी तय करने में काफी ज्यादा समय लेती है। ये देखते हुए ऐसी ट्रेन की जरुरत है, जो शाम को कोटा से चलकर अगले दिन सुबह पटना पहुंच जाए और ऐसी ही ट्रेन नागपुर के लिए भी काफी आवश्यक है।

कोटा-रतलाम फिर से चलाया जाएं

अप-डाउनर्स की परेशानी को देखते हुए स्पीकर बिरला ने रेल अधिकारियों को कोटा-रतलाम पैसेंजर ट्रेन फिर से शुरु करने को कहा है। बिरला ने अधिकारियों से कड़े लहजे में कहा है कि करीब पांच से छह हजार लोग यहां से अप-डाउन करते हैं। हमें सहानुभूति और सकारात्मकता के साथ उनकी परेशानी दूर करनी चाहिए। 10-15 मिनट के समय परिवर्तन की संभावना के साथ जल्द से जल्द ट्रेन चलाने की भी कोशिश करनी चाहिए।

अरनेठा में बनेगा फ्लाईओवर

अरनेठा में लेवल क्रॉसिंग नंबर 120 के पास आवागमन की सुविधा को सुचारू करने के लिए रेलवे ऑवर ब्रिज बनाया जाएगा। इस पर 30 करोड़ रूपए खर्च किए जाने है। इसके टेंडर को फिलहाल अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी तरह का एक और रेलवे ओवर ब्रिज सवाई माधोपुर में भी बनाया जाने वाला है।