जवान दिखने के लिए ऑयल पुलिंग का क्रेज: चेहरे से बुढ़ापा रहेगा दूर, गंडुश थेरेपी करने से जुल्फें रहेंगी काली

जवान दिखने के लिए ऑयल पुलिंग का क्रेज: चेहरे से बुढ़ापा रहेगा दूर, गंडुश थेरेपी करने से जुल्फें रहेंगी काली
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khabarexpo: गंडुस को भारत में ऑयल पुलिंग के नाम से जाना जाता है। कोरोना के बाद से ये थेरेपी काफी ट्रेंड में चल रही है। ज्यादातर महिलाएं जंवा दिखने के लिए इस थेरेपी का सहारा ले रही है। बता दें कि इस थेरेपी में सिर्फ कुल्ला करना होता है और उससे से ही सुंदरता के साथ साथ सेहत भी अच्छी हो जाती है।

मुंह में न रखें पंद्रह मिनट से ज्यादा

इस थेरेपी को करते समय खाली पेट होना आवश्यक है। हमेशा इसके लिए मुंह को साफ करना चाहीए। एक या दो चम्मच (10 मि.ली.) तिल के तेल को मुंह के अंदर लें। इसे मुंह के अंदर एक बार अच्छी तरह घुमाएं। अब तेल को हिलाए बिना 10 से 15 मिनट तक मुंह में रहने दें। इस दौरान में मुंह में बन रहा लार तेल में मिक्स होता रहेगा।

द्रव की मात्रा लार के साथ बढ़ती रहेगी। इसी के साथ नाक और आंखो से पानी आता रहेगा। इस प्रकिया को 15 मिनट तक करे। इसके बाद इसे मुंह से बाहर निकाल दें। फेंकते समय इसका रंग हल्का हो, तो समझें कि थेरेपी का असर दिखाया है। तिल की जगह नारियल के तेल का भी उपयोग किया जा सकता है।

हानिकारक बैक्टीरिया को मुंह से बाहर निकालेगा

डेंटल हेल्थ से इस थेरेपी से संबंध कई लोग रखते है। इस प्रक्रिया के दौरान मुंह के कई बैक्टीरिया भी बाहर हो जाते है। अगर 15 मिनट से ज्यादा देर तक यह तेल मुंह के अंदर रखा जाए, तो इसके अंदर मौजूद टॉक्सिन्स मसूढ़ों द्वारा सोखने की आशंका बढ़ जाती है।

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