कृषि कुएं में काम कर रहे मजदूर के दबने का मामला: 35 फिट गहराई से 35 घंटे बाद मिला शव, SDRF व सिविल डिफेंस की टीम ने रेस्क्यू कर निकाला बाहर

कृषि कुएं में काम कर रहे मजदूर के दबने का मामला: 35 फिट गहराई से 35 घंटे बाद मिला शव, SDRF व सिविल डिफेंस की टीम ने रेस्क्यू कर निकाला बाहर
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संवाददाता- योगेश सोनी

बाड़मेर। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र चौहटन इलाके के नजदीकी मिठे का तला गांव की शरहद में सोमवार को कृषि कुएं की गहराई के अंदर खुदाई करते हुए का मलबा फरमा टूटने से कुएं में काम कर रहे एक मजदूर कुए के अंदर करीब 35 फीट की गहराई में मिट्टी के नीचे दब गया था वहीं उस मजदूर को बाहर निकालने के लिए पिछले करीब 35 घंटे से घटनास्थल पर लगातार ग्रामीणों, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू कर बाहर निकाला। वहीं मजदूर को निकालने के लिए चार जेसीबी मशीन एवं एक हिटाची मशीन के माध्यम से रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया। हादसे के 24 घंटे बाद बाड़मेर जिला कलेक्टर लोकबंधु, एसपी दीपक भार्गव, एडीएम उम्मेद दान रत्नु, एएसपी नरपत सिंह मौके पर पहुंचे।

दरअसल, सोमवार को करीब 2 बजे चौहटन इलाके के मिठे का तला निवासी रसूल पुत्र वीजा खान के निर्माणाधीन कृषि कुएं को गहरा करने का काम चल रहा था। सोमवार को भी फरमे के नीचे से रेत निकाली तो अचानक वो टूट गया। इब्रे का तला निवासी नेहरूराम (45) पुत्र मानाराम फरमा टूटने से नीचे दब गया। बाहर खड़े उसके साथियों ने कुएं मालिक व आसपास के लोगों व प्रशासन को सूचना दी। सेड़वा तहसीलदार रूपाराम, एसडीएम रामजी भाई कलबी, धनाऊ थानाधिकारी मिठाराम मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। वहीं बड़ी संख्या में लोग इकट्‌ठे हो गए। आखिर 35 घंटे बाद स्थानीय लोगों, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा मशीनों से रेस्क्यू ऑपरेशन कर मजदूर के शव को बाहर निकाला।

धनाऊ तहसीलदार रूपाराम के मुताबिक नेहरूराम का शव करीब 35 फिट गहराई में मिला है, और शव को बाहर निकाल दिया गया है। एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू कर शव को निकाला गया। करीब 35 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी रहा। 

चौहटन विधायक पदमाराम मेघवाल का कहना है कि नेहरूराम कुआं खुदाई का काम करते है। निर्माणाधीन कुएं ढहने से नीचे दब गए है। बहुत दु:खद घटना है। सोमवार दो बजे से लगातार 35 घंटों से रेस्क्यू ऑपरेशन कर शव को बाहर निकाला गया है। मशीनों से बालू रेत व मलबे का हटाते है तो वापस दुबारा अंदर आ जाता है। एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस व स्थानीय लोगों के प्रयास से मजदूर के शव को बाहर निकाला गया।

चार जेसीबी मशीन, 1 हीटाची मशीन, 30 स्थानीय लोग, 35 घंटे लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला

बीते 35 घंटो से रेस्क्यू ऑपरेशन चला है। मिट्‌टी निकालने के दौरान बार-बार कुएं से बालू मिट्‌टी ढह रही थी इससे रेस्क्यू टीमों को काफी परेशानी भी आई। रात से चार जेसीबी मशीन व सिविल डिफेंस व स्थानीय लोग लगातार मजदूर को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। आखिर 35 फिट गहराई में खुदाई कर शव को बाहर निकाला गया।

कुएं के पास ट्रेक्टर भरवाकर बनाई खाई

रेस्क्यू टीमों द्वारा कुएं के पास में ही जेसीबी से ट्रेक्टर भरवाकर खाई बनाई गई। जेसीबी ने करीब 35 फीट तक खुदाई की तक जाकर शव मिला। प्रशासन ने तेजी लाने के लिए एक हिटाची मशीन को भी लगाया। सेड़वा एसडीएम रामजीराम एवं धनाऊ पुलिस की निगरानी में रेस्क्यू ऑपरेशन चला।

वह इस घटनाक्रम को लेकर मौका स्थल पर तमाम क्षेत्र के जनप्रतिनिधि जिसमें विधायक पदमाराम मेघवाल, पूर्व राज्यमंत्री गफूर अहमद, दलित नेता उदाराम मेघवाल, आम पार्टी नेता मोतीराम, समाजसेवी सच्चू खान, मीठे का तला सरपंच अली खान सहित मेडिकल विभाग की टीम भी घटनास्थल पर लगातार मौजूद रहीं।