राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2021 का पेपर आउट होने की क्या है सच्चाई, जाने पूरा मामला

राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2021 का पेपर आउट होने की क्या है सच्चाई, जाने पूरा मामला
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राजस्थान में रीट पेपर लीक होने की आग अभी तक बुझी नहीं थी कि वहीं सोमवार को राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के 14 मई को सेकंड पारी का पेपर आउट होने का खुलासा भी एसओजी ने किया है। अब 14 मई की सेकंड पारी की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा को पूरे राजस्थान में फिर से करवाया जाएगा। दरअसल 14 मई को एसओजी को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि राजस्थान पुलिस भर्ती परीक्षा 2021 का 14 मई को सेकंड पारी में दोपहर 3 बजे से तक आयोजित होने वाली परीक्षा का पेपर परीक्षा समय से पूर्व ही वाट्सअप पर आ गया था। इस आउट हुए पेपर को मुखबिर ने एसओजी के व्हाट्सएप नंबर पर भेजा। इसे एसओजी की तरफ से जब चेक किया गया तो प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजी के कुल 33 पेजों के फोटो एसओजी को व्हाट्सएप पर प्राप्त हुए। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच एसओजी ने तेज कर दी।

एसओजी को मोबाईल पर प्राप्त हुए प्रश्न पत्र के फोटोज की जब पड़ताल की गई तो  7 पेजों पर कुछ प्रश्नों के जवाब बॉल पेन से लिखे हुए थे और प्रश्न पत्र के कुल 26 पेज थे। जिनमें से कुछ प्रश्नों पर बॉल पेन से गोले भी बने हुए थे। प्रश्नों के दिए हुए विकल्पों में से एक विकल्प पर सही के निशान भी लगे हुए थे। गंभीर बात तो ये है कि प्रश्न पत्र का पेपर सीरिज और क्रमांक को बॉल पेन से मिटाया हुआ था। पड़ताल में सामने आया कि आउट हुए पेपर की सीरीज PAPER-11(H) बताई जा रही है। एसओजी की पड़ताल में ये सामने आया कि व्हाट्सएप पर आउट हुए प्रश्न पत्र के प्रिन्ट की कॉपी के नीचे आधा जूता नजर आ रहा था और जूते के पास फर्श पर एक खास पेटर्न धारियोँ की शर्ट नजर आ रही थी।

इसके बाद एसओजी ने परीक्षा आयोजित करवाने वाली कंपनी टीसीएस की मदद से ये ढूढ़ निकाली है कि आउट हुए इस पेपर सीरीज का प्रश्न पत्र कौन कौन से सेंटर्स में पहुंचा है। एसओजी की जानकरी में आया है कि इस सीरीज का प्रश्न पत्र कुल चार सेंटर्स पर पहुंचाया है। इसके बाद एसओजी की अलग अलग टीम एडीजी अशोक राठौड़ के सुपरविजन में फुर्ती दिखाते हुए आखिर जयपुर के उन सभी सेंटर तक पहुँच गयी जहां से इस पेपर को आउट किया गया था। ये परीक्षा सेंटर था दिवाकर पब्लिक सैकण्डरी स्कूल, झोटवाड़ा। यहां एसओजी की टीमों ने जांच की तो ये पता चला कि एसओजी को मुखबीर द्वारा जो फोटो में पेपर के नीचे जो फर्श नजर आ रहा था वह परीक्षा केन्द्र दिवाकर पब्लिक सैकेण्डरी स्कूल, झोटवाड़ा, जयपुर के स्ट्रांग रूम से लगते हुए स्टोर रूम का ही फर्श था।

परीक्षा केंद्र में लगे सीसीटीवी से खुला राज

इस परीक्षा केन्द्र पर लगे सीसीटीवी फुटेज चैक किए गए तो स्ट्रांग रूम में लगे कैमरे के सीसीटीवी फुटेज के जांच में ये सामने आया कि इस परीक्षा केन्द्र पर 14 मई की द्वितीय पारी के प्रश्न पत्र करीब 11 बजे इस परीक्षा केन्द्र पर पहुंचे। जिन्हें परीक्षा केन्द्र के स्ट्रांग रूम में रखवाया गया था। परीक्षा केन्द्र से जब स्ट्रोंग रूम के लिए जिम्मेदार लोगों की जानकारी केंद्राधीक्षक ने मांगी तो कमल वर्मा, रोशन कुमावत, सत्यनारायण और मोहन ,पुलिस से रतनलाल, ए.एस.आई., टीसीएस कंपनी से राकेश के नाम केन्द्राधीक्षक द्वारा बताया गया। एसओजी की पड़ताल में ये सामने आया कि परीक्षा केंद्र के अंदर स्ट्रोंग रूम के सीसीटीवी कैमरे को एक निश्चित समय पर कमल और मोहन ने बंद कर दिया  और इस दौरान ही प्रश्न पत्रों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। परीक्षा केंद्र के सहायक केन्द्राधीक्षक मुकेष शर्मा ने मोहन को इसी पुलिस कान्स्टेबल भर्ती परीक्षा हेतु परीक्षा केन्द्र पर वीक्षक ड्यूटी के लिए 2 दिन पहले ही नियुक्त किया था।

इस सेंटर पर जब सेकंड पारी के परीक्षा प्रश्न पत्र खोलते समय के सीसीटीवी फुटेज देखे गए तो ये पता चला कि स्ट्रांग रूम में परीक्षा केन्द्र में मोहन, कमल, सत्यनारायण और रोशन भी मौजूद थे। लेकिन जब परीक्षाकक्ष में प्रश्न पत्र खोले गए तो उस समय इस परीक्षा केन्द्र के केन्द्राधीक्षक शालू शर्मा और सहायक केन्द्राधीक्षक मुकेष शर्मा मौजूद नहीं थे और ना ही टीसीएस कम्पनी के प्रतिनिधि राकेश और विक्रम इस दौरान वहां उपस्थित थे। जबकि नियमानुसार इन सभी की मौजूदगी में ही पेपर खोला जाता है। परीक्षा केन्द्र पर स्ट्रांग रूम के सुरक्षा प्रभारी के तौर पर पुलिस एएसआई रतनलाल की ड्यूटी थी। लेकिन स्ट्रोंग रूम में जो भी हुआ उस पर रतनलाल का कोई हाथ नहीं था। जबकि स्ट्रोंग रूम की पूरी सुरक्षा जिम्मेदारी ASI रतनलाल के पास मौजूद थी। इन सभी चीजों से एसओजी को इससे ये स्पष्ट होता चला गया कि पेपर आउट के इस पूरे झोल में आखिर कौन कौन शामिल है।

इस पूरे प्रकरण में एक तरह से संगठित गिरोह के तौर पर परीक्षा से पहले ही एक बड़ी प्लानिंग के साथ परीक्षा केंद्र के स्ट्रोंग रूम में सेंध लगाकर प्रश्न पत्र को निकाला गया। उसकी आंसर की तैयार की गई और संभावित तौर पर इसके बदले में इन सभी को मोटी रकम भी दी गई।