world physiotherapy day2021: एक्सपर्ट्स ने बताया क्या होती है फिजियोथैरेपी

world physiotherapy day2021: एक्सपर्ट्स ने बताया क्या होती है फिजियोथैरेपी
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संवाददाता – पीआर मेघवाल, गोगुंदा

World Physical Therapy Day 2021: देश में कोरोना को हराने के लिए फिजियोथैरेपी Physical Therapy चिकित्सकों ने अहम भूमका निभाई है। जब कोई व्यक्ति घायल या विकृत होता है और पुराने दर्द से पीड़ित होता है, तो ज्यादातर समय भौतिक चिकित्सक ही बचाव के लिए उपयुक्त होती है। हमारे जीवन में उनकी भूमिका किसी के लिए भी अतुलनीय है। हालांकि, ज्यादातर समय इसे कम करके आंका जाता है और हम समाज में उनके योगदान के बारे में भूल जाते हैं।

इसलिए दुनिया भर के सभी भौतिक चिकित्सक physical therapist की सराहना करने और मानवता की सेवा में उनके योगदान के लिए हर साल 8 सितंबर को विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस के रूप में मनाया जाता है। पोस्ट कोविड मरीजों को फिजियोथेरेपी चिकित्सा पद्धति से सामान्य जीवन से जोड़ने में खासा योगदान दिया है। उदयपुर मे सेवारत डॉ. नारायण मईडा और डॉ. जितेंद्र मेघवाल से हमारे संवाददाता पी. आर. मेघवाल ने बात की और फिजियोथैरेपी को लेकर चर्चा की।

डॉ. नारायण मईडा

दोनों फिजियोथैरिपी एक्सपर्ट physiotherapy specialist ने बताया कि कोरोना काल के दौरान भौतिकी चिकित्सकों ने निशुल्क सेवाएँ देकर अपना अहम योगदान दिया है। चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना काल में उनके पास फोन कॉल्स करके लोग परेशानी बताते थे। जिस पर वो बिना देरी किए मरीजों के पास पहुंचकर उन्हें इलाज देते थे।

क्या होती है फिजियोथैरेपी

एक्सपर्ट ने बताया कि फिजियोथैरपी का मतलब जीवन को पहचानना और उसकी गुणवत्ता को बढ़ावा देना है। साथ ही लोगों को उनकी शारीरिक कमियों से बाहर निकालना , किसी भी परेशानी का निवारण बताकर उसका इलाज करना और पूर्ण रूप से आत्म निर्भर बनाना है। ये शारीरिक, मानसिक , भावनात्मक और सामाजिक भेत्र में व्यक्ति के काम करने में मदद करता है। फिज़िय़ोथैरपी में डाक्टर, शारीरिक चिकित्सक, मरीज, पारिवारिक लोग और दूसरे चिकित्सकों का बहुत योगदान होता हैं।

फिजियोथैरिपी विशेषज्ञता

डॉ. जितेंद्र मेघवाल

उन्होने बताया कि शारीरिक चिकित्सा के कुछ विशेषज्ञता क्षेत्र है। जैसे कार्डियोपल्मोनरी चिकित्सा (Cardiopulmonary), जराचिकित्सा (Geriatrics), स्नायु संबन्धी चिकित्सा (Neurologic), अस्थि-रोग चिकित्सा (Orthopaedic) और बालरोग चिकित्सा (Pediatrics)।

शारीरिक विशेषज्ञ कई प्रकार से कार्य करते हैं। जैसे बाह्य रोगी क्लिनिक या कार्यालय,  आंत्र-रोगी पुनर्वास केन्द्र, निपुण परिचर्या सुविधाएं, प्रसारित संरक्षण केन्द्र, निजी घर, शिक्षा एवं शोध केन्द्र, स्कूल, मरणासन्न रोगी आश्रम, औद्योगिक अथवा अन्य व्यावसायिक कार्यक्षेत्र, फिटनेस केन्द्र तथा खेल प्रशिक्षण सुविधाएं आदि इसमें शामिल होती है। ये एक तरह से प्राकृतिक चिकित्सा है। जिससे इंसान के जीवन को और अच्छा बनाने में मदद करती है।

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